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छापेमारी की चमक धुंधली — कार्रवाई के बाद दूसरे रास्तों से फिर गरजा खननसफेदपोश चौपालों पर पहुंचती मिट्टी की कमाई — और पगडंडियों पर मशीनों की दौड़

त्रिलोक न्यूज़ चैनल से मोनू मिश्रा की रिपोर्ट

कुवरगांव: थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार की दबिश और ट्रैक्टर–ट्राली जब्ती के बाद यह माना जा रहा था कि मिट्टी खनन का खेल थमेगा, पर हालात उलट नज़र आए। जहां कार्रवाई होते समय खामोशी छाई दिखी, वहीं कुछ समय बाद उसी इलाके में दूसरी दिशाओं से ट्रैक्टरों की हलचल और जेसीबी की आवाज़ गूंजती सुनाई दी — जैसे खनन ने एक छोटा विराम लिया और फिर चाल बदलकर लौट आया। कार्रवाई की खबरें सार्वजनिक होते ही सफेदपोश चौपालों पर अलग किस्म की चहल–पहल देखी गई। मिट्टी की कमाई के ढेर अब नए रास्तों से उन्हीं दरवाजों की ओर बढ़ते दिखे जहां बातों का अंदाज़ बदला, पर इरादे नहीं। जहां रोक लगी थी, उसके ठीक समानांतर दूसरी पगडंडी पर मिट्टी से लदे वाहन आगे बढ़ते दिखे।

 

खेतों की मेड़ों पर ताज़ा टायरों की लंबी कतार। ढेरों पर झुकी मशीनों की गर्दन कार्रवाई पर तंज कसती महसूस हुई। सरकारी गाड़ियों के हटते ही सफेद नंबर प्लेट वाली एसयूवी और बाइक की आवाजाही तेज। कार्रवाई की औपचारिक तस्वीरें तो लोगों ने देख लीं,

पर असली तस्वीर इन्हीं दृश्यों ने बयां कर दी — “जब नियम दिशा बदल दे, तो अवैध कारोबार रफ्तार बदल देता है।”

अब अगला कदम यह तय करेगा कि यह अभियान है या औपचारिकता क्योंकि एक ट्रैक्टर सीज करने से खेल नहीं टूटता, सिर्फ़ रास्ते बदल जाते हैं।

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